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इस्लामी रुकिया के द्वारा आध्यात्मिक चोटों के इलाज के लिए गहन कार्यक्रम

इस्लामी रुकिया दृष्टिकोण के उन्नत निबंध

بسم الله الرحمن الرحيم

अल्लाह के नाम पर जो सब से करीम, सब से रहीम है।

 

الأحبة الكرام السلام عليكم ورحمة الله وبركاته..

 

إليكم البرنامج المكثف للرقية الشرعية (للحالات الصعبة وللحالات التي تريد سرعة الشفاء بإذن الله) وهو فعال جدا بإذن الله خاصة في شهر رمضان المبارك:

البرنامج من إعداد/ د. عماد النهار – معالج بالرقية الشرعية والطب النبوي والطاقة الحيوية

प्रिय भाइयो और बहनो:

यह इस्लामी रुकिया का गहन कार्यक्रम है (गंभीर मामलों और जल्दी इलाज के लिए, ईश्वर ने चाहा तो) यह बहोत प्रभावशाली है, ईश्वर ने चाहा तो, विशेष तौर से रमज़ान के पाक महीने में।

कार्यक्रम तैयार करने वाले हैं: डॉक्टर इमाद अल-नहार, फिजीशियन विथ इस्लामिक रुकिया, दैवीय औषधि एवं जैविक ऊर्जा।

 

ملاحظة: يتم تطبيق البنود التالية بشكل يومي بنية الشفاء والطرد (طرد أي شيء سلبي من أمراض وحسد ومس وسحر)، ويمكن أن يضاف لها نية الحرق.

नोट: निम्न चीज़ें इलाज और निष्कासन (किसी भी नकारात्मक चीज़ के निष्कासन जैसे ईर्ष्या, शैतानी शिकंजा, और जादू) की नियत से प्रतिदिन लागू किया जाना चाहिए, और जलाने की नियत को जोड़ सकते है।

 

 

1- أذكار الصباح والمساء (بعد الفجر والعصر ويتم قولها بتركيز) وأذكار قبل النوم، ولتحميل الأذكار كاملة اضغط هنا.

सुबह और शाम की प्रार्थना (एकाग्रता के साथ फज्र और अस्र के बाद) और सोने से पहले की प्रार्थना।  पूरी प्रार्थना डाउन्लोड करने के लिए यहाँ प्रेस करें।

 

2- الاستغفار (ومن شروطه التوبة) وتقال بالصيغة التالية: أستغفر الله العظيم الذي لا إله إلا هو الحي القيوم وأتوب إليه [١٠٠ مرة].

क्षमा प्रार्थी हों (पश्चाताप इसकी शर्तों में से एक है), निम्न तरीके से पढ़ा जाना चाहिए: मैं सर्वशक्तिमान अल्लाह से जिसके इलवा कोई ईश्वर नहीं है क्षमा चाहता हूँ और पश्चात्ताप करता हूँ [100 बार]

 

3- قول: لا إله إلا الله وحده لا شريك له، له الملك وله الحمد، يحيي ويميت، وهو على كل شيء قدير.. ١٠٠ مرة بعد الفجر وبعد المغرب.

बोलिए:: अल्लाह के इलावा कोई ईश्वर नहीं है और उसक का कोई साथी नहीं है, उसी की सारी स्वामित्व और प्रशंसा है, वही मौत का फैसला करता और बनाता है, वही हर चीज़ पर नियंत्रण रखता है।  (फ़जर और मग़रिब के बाद 100 बार)

 

4- قول: لا إله إلا الله [١٠٠ مرة].

कहें: अल्लाह के इलवा कोई ईश्वर नहीं है [100 बार]

 

5- قول: لا حول ولا قوة إلا بالله [١٠٠ مرة] وتقال أيضا بنية فك عقد السحر في الجسم وخارجه.

कहें: अल्लाह के इलावा कोई शक्ति नहीं है [100 बार] शरीर के अंदर और बाहर दोनों जगह जादूई गांठों को खोलने के लिए भी कहा जाता है।

 

6- قول البقايات الصالحات، وهي: سبحان الله والحمد لله ولا إله إلا الله والله أكبر ولا حول ولا قوة إلا بالله [١٠٠ مرة].

सदैव रहने वाले अछे सबद हैं: प्रशंसा अल्लाह के लिए है, अल्लाह का शुक्र है, अल्लाह के इलावा कोई ईश्वर नहीं है, अल्लाह सब से बड़ा है, अल्लाह के इलावा कोई शक्ति नहीं है  [100 बार]

 

7- الصلاة على رسول الله صلى الله عليه وسلم [100 مرة].

अल्लाह के पगम्बर उन पर शांति बने रहे, उन की प्रार्थना [100 बार]

 

8- قول: حسبنا الله ونعم الوكيل [100 مرة].

कहें: हमारे लिए ईश्वर ही बहोत है और उसी का सहारा है [100 बार]

 

9- قول: لا إله إلا أنت سبحانك إني كنت من الظالمين [100 مرة].

कहें:  आप महिमवान के इलवा कोई ईश्वर नहीं है मैं खुद को आप की शरण में लता हूँ [100 बार]

 

10- قول: أَعوذُ بكلِماتِ اللهِ التامَّاتِ الَّتي لا يُجاوِزُهُنَّ بَرٌّ ولا فاجرٌ، مِن شرِّ ما خلقَ وذرأَ وبرأَ، ومِن شرِّ ما ينزِلُ مِن السَّماءِ ومِن شرِّ ما يعرُجُ فيها، ومِن شرِّ ما ذرأَ في الأرضِ وبرأَ ومِن شرِّ ما يَخرجُ مِنها، ومِن شرِّ فِتَنِ اللَّيلِ والنَّهارِ، ومِن شرِّ كلِّ طارقٍ يطرُقُ، إلَّا طارقًا يطرقُ بِخَيرٍ يا رَحمنُ.

कहें: मैं अल्लाह सही शब्दों की शरण चाहता हूँ जिन्हें कसी पवित्र या आवारा के द्वारा हटाया नहीं जा सकता, उन शैतानों से जिन्हें उस ने कभी बनाया, उन शैतानों से जो आसमान से उतरते हैं और उन शैतानो से जो उन से उठते हैं, उन शैतानों से जो अल्लाह ने धरदी से पैदा किए और उन शैतानों से जो उन से निकलते हैं, हर दस्तक की बुराई से, उन के इलावा जो अच्छाई लाते हैं, ओ, अनुग्रही प्रभु।

 

11- الصدقة: ويمكن وضع ظرف أو علبة بحيث كل يوم صباحا يتم وضع الصدقة فيه (ريال أو أكثر)، ويمكن إخراجها يوميا أو نهاية شهر رمضان المبارك لمن يستحقها.

दान: व्यक्ति एक लिफाफा या बॉक्स तैयार कर सकता है जिस में वह दान डालेगा (एक रियाल या ज़्यादा), और उसे हर दिन निर्धन जिसे उस की ज़रूरत है उन तक प्रतिदिन या रमज़ान के पवित्र महीन के अंत में ले जाये।

 

12- قراءة آية الكرسي [100 مرة] بنية الشفاء والطرد، ويضاف لها نية الحرق لمن عنده شيطان مؤذي أو عنيد.

अल-कुर्सी छंद  [100 बार] निकासी और इलाज के लिए, शरीर में शरारती या जिद्दी शैतानों को जलाने की नियत जोड़ते हुए पढ़ें।

 

13- قراءة سورة الفيل [١٠٠ مرة] في حال تم اختيار نية الحرق.

अगर जलाना चाहते हैं तो सूरा अल-फील [100 बार] पढ़ें

 

14- قراءة سورة الفلق [100 مرة].

सूरा अल-फलक [100 बार] पढ़ना

 

15- قراءة الفاتحة [100 مرات] والبقرة [مرة واحدة].

सूरा अल-फलक [100 बार] पढ़ना और सूरा अल-बकरा [1 बार]

 

16- قراءة الصافات [مرة واحدة] في حال تم اختيار نية الحرق.

अगर जलाना चाहते हैं तो रा अल-सफ़फात [100 बार] पढ़ना

 

17- قراءة جزءين من القرآن بنية الختمة والرقية.

पूरे खात्मा और रुकिया की नियत से पवित्र कुरान के दो अध्याय पढ़ना।

 

18- الإفطار على تمر عجوة [7 حبات] – مرضى السكري يأخذون (3) تمرات مع كوب ماء.

अजवा खजूर नाश्ते में लेना (7 खजूर) - लेकिन मधुमेह के मरीज सिर्फ (3) लें, एक बार एक ग्लास पानी के साथ।

 

19- العسل المقروء عليه: يؤخذ ملعقة كبيرة من العسل وتوضع في كوب من الماء الدافئ وتخلط، ثم تشرب مثل الشاي، وذلك عند الفطور وعند السحور.

शहद - जिस पर तिलावत की गई हो: एक बड़ा चम्मच शहद का गुंगुने पानी में डालें और मिलाएँ, नाश्ते  और रोज़े में सहरी में चाय की तरह पिये।

 

20- الاستحمام بالخلطة التالية: [سدر + ملح خشن] ويتم وضع (7) ملاعق كبيرة من السدر مع (7) ملاعق كبيرة من الملح في ثلاثة لترات من ماء [يفضل أن يكون ماء زمزم] ويترك الماء منقوعا بالسدر والملح نصف ساعة على الأقل، ثم يوضع على الجسم، ثم يترك (ربع ساعة) ثم يتم غسله من على الجسم، ويكون ذلك في أي وقت من اليوم على أن تكون المدة 21 يوما دون انقطاع.

निम्न मिश्रण से नहाएँ:: (सिद्र + खारा नमक), (7) चम्मच सिद्र भर कर (7) चम्मच नमक के साथ लें और उन्हें तीन लीटर पानी में मिलाएँ (ज़मज़म बेहतर होगा), पानी को सिद्र और नमक मिला कर 30 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर इसे अपने शरीर पर पलट लें और 15 मिनट तक छोड़ दें।   फिर शरीर को धो लें।  ये 21 दिनों तक नागा किए बगैर दिन के किसी भी समय किया जा सकता है।

 

21- الدهن بالزيت المقروء عليه [5 مرات]، ويفضل أن يتم التنويع في الزيوت في كل مرة، ومن الزيوت المستخدمة (زيت الزيتون العادي – زيت حبة البركة – زيت القسط الهندي – زيت الشذاب – زيت الحلتيت – زيت الزيتون مع المسك الأسود... ونحوها).

पढ़ा गया तेल शरीर पर लगाएँ (5 बार)।  हर बार तेल की किस्म को बदलना बेहतर है।  कुछ तेल जिन की सिफ़ारिश की जाती है वह है (आम ज़ैतून का तेल, निजेला सतीवा तेल - प्रीमियम भारतीय तेल काले मुश्क के साथ... और दूसरे)

 

22- تبخير الجسم بالحبة السوداء المقروء عليها يوميا مدة عشر دقائق بعد الإفطار، وذلك بلبس ثوب بدون ملابس تحته وتبخير الجسم من الأسفل.

शरीर पर पढे गए निजेला सतीवा तेल भाप बनाने के लिए नाश्ते के बाद 10 मिनट, बिना अंडरवेयर के कपड़े पहने और भाप को शरीर पर आने दें।

 

23- الدعاء قبل الإفطار ووقت السحر.

नाश्ते और रोज़े के दौरान सहरी से पहले प्रार्थना करे।

 

24- لا يتم الشرب إلا من ماء زمزم ويفضل أن يكون مقروءا عليه.

ज़मज़म के इलवा कुछ न पीईएन, पढ़ा हुआ हो तो बेहतर है।

 

25- في حالات السحر الخارجي (مدفون - مقبرة - بحر - منثور...) يجب معرفة مكانه أو نوعه ليتم إبطاله حيث إن الأسحار غالبا تجدد تلقائيا، أما الأسحار الداخلية (مأكول - مشروب - مشموم) فسهل علاجها.

बाहरी जादू के मामले में (दफन किया हुआ, कब्रिस्तान, समुद्र, बिखरा हुआ...) इस की जगह या प्रकार का ज्ञान होना ज़रूरी है, ताकि इसे रद्द किया जा सके क्यूंकी जादू अपने आप दोबारा हो जाते हैं, लेकिन आंतरिक जादू (खाने, पानी, या खुशबू में)  का इलाज आसान है।

 

26- من المهم جدا: حسن الظن بالله تعالى.

अति महत्वपूर्ण: अल्लाह सर्वशक्तिमान का अच्छी तरह ध्यान करें।

 

27- الاستماع لأشرطة الرقية الشرعية (شريطين على الأقل يوميا حسب الحالة) وتجدون الأشرطة في الرابط التالي:

इस्लामिक रुकिया टेपों को सुनें (मामले के मुताबिक कम से कम दो टेप प्रतिदिन)।  आप इस लिंक पर टेप प्राप्त कर सकते हैं:

http://www.aura-center.com/r/hn.php

 

من أحب إضافة الأشياء التالية فهي أقوى [يوميا]:

अगर आप को पसंद है तो आप निम्न को जोड़ सकते हैं:

 

1- تكرار الذكر التالي [100 مرة]: اللهم فاطر السماوات والأرض، عالم الغيب والشهادة، رب كل شيء ومليكه، لا إله إلا أنت، أعوذ بك من شر نفسي ومن شر الشيطان وشركه، وأن أقترف على نفسي سوءًا أو أجره إلى مسلم.

इस प्रार्थना को दोहराएँ (100 बार): ओ धरती और स्वर्ग बनाने वाले, सारे जग के अंतर्यामी, हर चीज़ के मालिक, तु म्हारे सिवा कोई ईश्वर नहीं है, मैं अपनी बुराइयों और शैतान की बुराइयों से, और अपने आप को या किसी भी मुस्लिम को नुकसान पहुंचाने से तुम्हारी पनाह चाहता हूँ।

 

2- قراءة سورة الفاتحة عند النوم [11 مرة].

सोने से पहले सूरह अल-फातिहा पढ़ें (11 बार)

 

3- المشي لمدة ربع ساعة.

15 मिनट तक चलें

 

4- لحالات المس يمكن تكرار الآية التالية بأكبر عدد ممكن بنية شلل الشيطان المتلبس {إن كيد الشيطان كان ضعيفا}، مع كثرة سماع رقية الحرق للشيخ خالد الحبشي ورقية النار للدكتور عماد النهار.

शैतानी शिकंजे के मामले में, निम्न छंद को कब्जा करने वाले शैतान को निष्क्रिय करने की नियत से जितनी बार हो सके पढ़ें (शैतान की प्लोत्तिंग कमजोर होगी), शेख खालिद अल-हबशी और डॉक्टर इमाद अल-नहार के जलाने वाले रुकिया   को सुन कर।

 

 ملاحظات:

नोटों:

 

- يستغرق هذا البرنامج يوميا حوالي 3 ساعات فقط كحد أقصى دون الوقت المخصص لسماع الأشرطة، وهو برنامج قوي جدا، وسيجد الشخص التحسن بإذن الله من الأيام الأولى.

ये कार्यक्रम प्रतिदिन सुनने के समर्पित समय के बिना ज़्यादा से ज़्यादा 3 घंटे लेता है, जो बहुत शक्तिशाली प्रोग्राम है, और व्यक्ति अगर ईश्वर ने चाहा तू प्रारम्भिक समय ही से बेहतरी पाएगा।

 

- البعض يريد أن يضيف على البرنامج السابق أمورا غير موجودة ضمن البنود أعلاه، وهذا لا يتعارض مع البرنامج أبدا، فالمجال واسع لمن أراد إضافة أو تعديل شيء منه.

कुछ लोग पहले वाले कार्यक्रम की चीजों को जोड़ना चाहते हैं जो उपरोक्त चीजों में नहीं है, ये प्रोग्राम के साथ बिलकुल नहीं टकराएगा, जो लोग इस मे जोड़ना या इस में संशोधन करना चाहते हैं उन के लिए द्वार खुला है।

 

- في حال نسيان شيء منه أو تركه بسبب كثرة الأشغال في رمضان فلا بأس، فلا يقل قائل بأن البرنامج العلاجي قد تعثر بسبب أنه نسي تطبيق شيء منه ويترك تطبيقه، بل ليحرص على تطبيقه في اليوم التالي وتعويض ما فاته ليحصل الأثر المرجو بإذن الله.

अगर आप व्यस्तता की वजह से खास तौर से रामदान की वजह से इन में से कुछ भूल जाते हैं या छोड़ देते हैं तो इस में कुछ भी गलत नहीं है।  ये मत कहें कि चूंकि आप इस इसके कुछ हिस्सों को लागू करना भूल गए इस लिए कार्यक्रम उतना प्रभावी नाही रहा और आप इसे छोड़ दें, बल्कि आप इसे दूसरे दिन लागू करने के लिए उत्सुक रहे और अपनी मौत के बिना वांछित नतीजा पाएँ, अगर ईश्वर ने चाहा तो।

 

- في حال وجود سحر يتجدد فالاستعانة بالله والتطبيق والدعاء سلاح قوي مع البرنامج في محاربة السحرة، وهناك طرق عدة لصد هذه الأسحار لكن يجب معرفة نوع السحر (مدفون - أثر شعر - أثر ملابس - مأكول..... الخ).

दोबारा किए गए जादू के मामले में, अल्लाह कि मदद चाहें, और लागू करने और प्रार्थना के कार्यक्रम को परखें जो जादूगरों के खिलाफ लड़ने का शक्तिशाली हथियार है।  इस जादू के काट के कई तरीके हैं लेकिन उसके लिए आप को उस जादू के प्रकार को जानना होगा (दफन किया हुआ - कपड़ों का प्रभाव - खाया हुआ ... इत्यादि)।

 

- يجب على المرأة المصابة بالمس العاشق (والنساء عموما) الالتزام بالحجاب الشرعي كما ورد عن الصحابيات رضي الله عنهن بلبس العباءة وتغطية الوجه للحماية من أعين وحسد الجن والإنس.

औरत जो बिऊ जाड़ो इस पीड़ित है (और समानी औरतें) उन्हे इस्लामी हिजाब के लिए पाबंद होना चाहिए क्यूंकी ये इस्लामी सहाबिया अल्लाह उन से खुश हो, कि वे अपने चेहरे को ढकने के लिए अबाया पहनती थीं ताकि वे इन्सानों और जिनों कि बुरी नज़र और ईर्ष्या से बच सकें।

 

- يجب تجنب المعاصي خاصة التي تقوم بكسر التحصينات والرقية الشرعية ومن أهمها: سماع الأغاني والرقص والنظر في المواقع الإباحية ومواقع عبدة الشياطين ومواقع السحرة أو قراءة كتبهم، وللمزيد حول الأمور التي تكسر التحصينات وتضعف الرقية الشرعية فيرجى مراجعة صفحة المس بالضغط هنا.

आप को पापों से दूर रहना चाहिए विशेष रूप से वो जिन से घेराबंदी और रुकिया टूटता है; विशेषतः संगीत, अश्लील साइटों को देखना औरशैतान के उपासक और जादूगरों की साइट देखना और उनकी किताबें पढ़ना।  घेराबंदी को तोड़ने वाली और रुकिया को कमजोर करने वाली चीजों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक कर के शैतानी शिकंजे वाला पेज देखें।

 

- هذا البرنامج ما هو إلا سبب، والشافي هو الله تعالى سبحانه، فيجب التوكل عليه حق التوكل، وإحسان الظن بأن الله تعالى سيمن علينا بالشفاء، وفي الحديث القدسي "أنا عند ظن عبدي بي".

ये प्रोग्राम केवल एक कारण है; जो आप को बेहतर करता और ठीक करता है वो अल्लाह सर्वशक्तिमान है।  हमें उस पर पूरी तरह विश्वास करना चाहिए, और अल्लाह के बारे में अच्छी सोच रखनी चाहिए जो हमें अच्छा करता और शिफा देता है।  पवित्र हदीस में कहा गया है "मैं वैसा ही हूँ जैसा मेरे गुलाम मुझे समझते हैं।"

 

 

أخوكم [د. عماد النهار]

التواصل بالإيميل لأي ملاحظة أو استفسار:

आप का भाई डॉक्टर इमाद अल-नहार

emad_alnahar@hotmail.com